कुनिथा लोक-नृत्य
कर्नाटक का
कुनिथा लोक-नृत्य
हमारे देश के लोकगीत और लोकनृत्य
जनता की धरोहर हैं।
इन्हें बचाए रखना, इन्हें प्रचारित-प्रसारित करना
हम सबकी ज़िम्मेदारी है।
दरअसल, हमारे लोकजीवन और लोक-संस्कृति को
विकृत करने ,ध्वस्त करने या फिर remix के नाम पर
नष्ट कर देने की प्रक्रिया
उदारीकरण-वैश्वीकरण की शुरुआत के साथ
पिछली शताब्दी में तेज कर दी गई। ...
ताकि कम्पनियों की गुलामी के साथ
उनकी उपभोक्ता-संस्कृति को भी
लोग स्वीकार कर लें। ...
हम देखते हैं कि
साम्राज्यवादी शक्तियाँ इसमें
काफी हद तक सफल भी हो गई/रही हैं।...
कैसे बचेगा हमारा लोकजीवन, हमारी लोक-संस्कृति?
यह सवाल हम सबके सामने है।
हमारी कोशिश है कि जिस तरह भी हो, इसे बचाया जाए, लोगों तक पहुँचाया जाए!...
https://youtu.be/GKD1RvrfAFk

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