वोट और शादी...


                                  वोट और शादी



                                        - गुरचरन सिंह


पहले कहा,
कुछ दिन की ही बात है,
पचास दिन में कर दूंगा सब सही
बस ये नोटबंदी की मुश्किलें
थोड़ा बरदाश्त कर लो !

फिर कहा,
जीएसटी शुरू तो होने दो
सब ठीक हो जाएगा धीरे धीरे।

फिर कहा
गंदगी मत फैलाओ,
शौचालय जाओ,
भले ही उसमें पानी न हो !
.
फिर कहा,
योग करो, व्यायाम करो
देसी 'दवा दारू' करो
भूल जाओ सरकारी अस्पताल,
अपनी फिटनेस पर ध्यान दो !

अब फरमाते हैं,
गाड़ी में सब काग़ज़ात
और जेबों में नोट भर कर निकलना
और दारू पीने के बाद तो
गाड़ी कतई न चलाना !

भैयाजी हमने तो
सिर्फ वोट ही दिया था
कोई शादी थोड़ी न की थी,
जो हुक्म पर हुक्म दिए जा रहे हो !!!

                                  ★★★

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