चीनी #कोरोना_वायरस
⚫ चीनी #कोरोना_वायरस पर एक देसी विचार ⚫
🔴 चीनी कोरोना से डरना बेकार है ! कोरोना तो वैसे ही पिलपिला है ! ठंडे देश से आया ठंडा वायरस ! एकाध हफ़्ता और रुक जाइये ! ग़ुस्सैल सूरज महाराज चढ बैठेंगे इस पर ! चीं निकल जायेगी इसकी ! वैसे भी कोरोना में दम नहीं कि वो हिंदुस्तानियों को मार सके ! हमने ये ज़िम्मेदारी टीबी और मलेरिया को सौंप रखी है ! टीबी और मलेरिया के होते हम किसी विदेशी वायरस से मर जाये ये स्वदेशी की भावना के ख़िलाफ़ है ! टीबी- मलेरिया की दवा ढूँढ़ी जा चुकी और कभी- कभार सरकारी अस्पतालों में मिल भी जाती हैं ! आदमी पूरा कोर्स कर लें तो ठीक भी हो जाता है, इसके बावजूद जब हम ठान लें और हमारे डॉक्टर हमारा मरना तय कर ही दें तो हम बतौर बहाना इन्हीं बीमारियों को चुनते है !
हर साल मलेरिया से दो लाख हिंदुस्तानियों का राम-नाम-सत्य होता है तो साढ़े चार लाख मरने के लिये टीबी को चुनते है ! ये भले लोग इस देश से इन बीमारियों के देशी वायरस से इतना प्यार करते हैं कि बिना हल्ला-गुल्ला किये चुपचाप मर जाते हैं ! देश पर मरने वाले इन जवानों की कहीं कोई चर्चा नहीं होती ! अब इनकी गिनती की तुलना कोरोना से हुई मौतों से कीजिये ! बमुश्किल तीन चार हज़ार हो तो हों ! मरने वालों की इस मामूली गिनती को देखते हुये कोरोना को और मरने के लिये कोरोना को ही चुनने वालों को शर्म आना चाहिये !
पर चूँकि कोरोना विदेशी वायरस है ! विदेशी है और लूटने आया है हमें ! विदेशियों से प्रभावित होने की ,उनके पाँवों में गिर पड़ने की पुरानी आदत है हम लोगों की ! ज़ाहिर है, अब बहुत जल्दी ही कोरोना हमारे टीवी स्क्रीन्स, हमारे नेताओं के भाषण और हमारे पूरे हैल्थ बजट पर क़ाबिज़ हो जायेगा! ये सारी अटेंशन ले जायेगा और टीबी मलेरिया के मेहनती वायरस शर्मिंदा से कोने में खड़े रहेंगे ! लोग बेवजह डरेंगे कोरोना से ! जो नहीं डरेंगे उन्हें डराया जायेगा ! डराने से बड़ा व्यापार और कोई दूसरा नहीं ! हमारे सारे धर्म, हमारी राजनीति, सारे व्यापार डराने वाले के बूते ही टिके हुये हैं ! डराने की जिम्मेदारी कुछ दिन कोरोना उठायेगा! लोग हाथ जोड़ कर मिलेंगे एक दूसरे से ! दिन में दो दफ़ा से ज़्यादा बार हाथ धोने भी लगेंगे !
साबुन बेचने वाले कोरोना के शुक्रगुज़ार होंगे ! दवा बेचने वाले बाबा के साथ-साथ दारू बेचने वालो को भी यह और अमीर कर सकता है! गोमूत्र-निर्यात का ठेका भी मिलेगा तो हमीं को मिलेगा!... बहरहाल, कुछ दिनों बाद फिर कोई दूसरा वायरस आयेगा और कोरोना भुला दिया जायेगा !
कुल मिलाकर कोरोना आती-जाती चीज़ है! मेहमान है ! मेकअप में पुती नचनिया है! कोरोना और हम इस वजह से आज घर की शालीन टीबी और मलेरिया के वायरसों की अनदेखी कर रहे है ! कोरोना बिना ज़रूरी काग़ज़ पत्तर के हमारे देश में धँस आया घुसपैठिया है ! और उसके चक्कर में हमारी देशी बीमारियों की बेइज़्ज़ती हुई जा रही है! और यह सब हुआ हमारी काहिली की वजह से! हम अपनी इन ख़ालिस हिंदुस्तानी बीमारियों की क़ायदे से ब्रांडिंग नहीं कर सके ! दुनिया को यह बता नहीं पाये कि मरने का सबसे सस्ता और आसान तरीक़ा हमारे पास है !
खैर, अगर इस बेतुकी वजह से हमारा मरना ही तय है तो ऐसे में क्यों ना हम इस चीनी माल का बहिष्कार करें और मरने जैसे नेक और ज़रूरी काम के लिये देशी मलेरिया और टीबी के स्वदेशी वायरस को इज़्ज़त और तवज्जो दें!...🔵
प्रस्तुति: मुकेश नेमा
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