हम देश, ये हमरा देश!


                                        धत्तेरे की...
                                                  - देसीराम

धत्तेरे की पाकिस्तानी निखट्टुओं, तुम्हारा बेड़ा गर्क तो हो ही रहा है और क्या होगा!...

मगर ये बताओ, अगर तुम्हारा ये पाकिस्तान नहीं बना होता और हमारा भारत महान आर्यावर्त बना रहता तब तुम्हारा क्या होता?...तुम लोग मूली छीलते कि आलू?...

इसीलिए कहे देते हैं कि पाकिस्तान-पाकिस्तान कहकर राजनीति मत करो वरना जनता तुम्हें सचमुच चौराहों पर खड़ा करने लगेगी!..सारा रंग-रोगन भूल जाओगे!!

पाकिस्तान न हुआ गंगूबाई का मोहल्ला हो गया जहाँ तुम छिप-छिपकर कुकरम करने जाते हो!...

अरे मंगरू की औलाद, क्या कभी हैदराबादी बिरियानी भी खाई है?...चख के देख, तेरा पाकिस्तान ट्रम्पवा के घर पानी माँगने न दौड़े तो कहना!...

और सुन, तेरा पाकिस्तनवा तो चुल्लू भर पानी में डूबेगा ही, तुझे भी ले डूबेगा! ...

बुड़बक समझता है का बे?...

ज़्यादा दिन का मेहमान नहीं है तू!...और न ही तेरे ये भक्कुये!

कहे देते हैं- राम-राम जप चाहे पाँचों वक़्त नमाज़ पढ़ पर नामुराद पाकिस्तनवा का नाम लिया तो खैर नहीं!...

हमारी औक़ात उस जैसी न थी, न है, न होगी! चाहे तू जितना जोर लगा ले या चाहे तेरा वो यार अंगरेज़वा!

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