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एक कविता: ढोंगियों का दल - काज़ी नज़रुल इस्लाम

                                एक कविता :  ढोंगियों का दल                                                    -  काजी नज़रुल इस्लाम मनुष्य से घृणा कर के कौन लोग कुरान,वेद,बाइबिल चूम रहे हैं बेतहाशा किताब और ग्रंथ छीन लो जबरन उनसे मनुष्य को मारकर ग्रंथ पूज रहा है ढोंगियों का दल सुनो मूर्खो,मनुष्य ही लाया है ग्रंथ ग्रंथ नहीं लाया किसी मनुष्य को!                                       ★★★

कृष्ण-जन्माष्टमी की मंगलकामना

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                                                    एक थे कृष्ण-कन्हैया...                  हिंस्र कंस-संस्कृति से गो-धन की रक्षा कर गो-वंश के सदुपयोग के आदिम-शिक्षक, कृषि-संस्कृति के प्रतीक-पुरोधा, धारा को उलट का राधा बनीं कृष्णान्~किसानों की साथी-संगी राधाओं के इष्ट-मित्र वासुदेव-कृष्ण के अंधकारमय रहे जन्मदिन की बहुत-बहुत मंगलकामनाएं!!...                गाय के साथ-साथ बैल-बछड़ों की रक्षा कर कृषि-संस्कृति को बचाने के निमित्त कृष्ण आपके हृदय में स्थान पाएं, इसकी शुभकामनाएँ!...                                                       ★★★★★

चंद्र पर भूमि-अधिग्रहण

                        एक रेड इन्डियन और नील आर्मस्ट्रोंग                                                           प्रस्तुति : धीरज राठौड़                 विश्व आदिवासी दिन पर गुजरात युनिवर्सिटी में हुए एक दिवसीय सेमिनार में वनराज पारगी ने अपने वक्तव्य के समापन में बडी हसानेवाली पर भूमिगत यथार्थ से भरी बात कही. चन्द्र पर जाने से पहसे नील आर्मस्ट्रोंग दूर सुदूर किसी जगह पर चन्द्र पर क्या किया जाये उसकी तालीम ले रहे थे. काफी वक्त से देख रहे एक रेड इन्डियन ने नील आर्मस्ट्रोंग से पूछा,  'यह आप लोग क्या कर रहे हो?' आर्मस्ट्रोंग : 'हम चन्द्र पर जाने वाले हैं, वहां जाके क्या करना है उसकी तालीम ले रहे हैं.' रेड इन्डियन :  'अरे! चन्द्र पर तो हमारे पूर्वज रहते है.' आर्मस्ट्रोंग : 'अच्छा! रेड इन्डियन :  'हां, अब आप जा रहे हैं ...

विद्यालयों में गायत्री-मंत्र:

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                      विद्यालयों में अनिवार्य  गायत्री-मन्त्र                          अंधविश्वास का विनाश या विकास               क्या आप   'आइए, अंधविश्वास खत्म करें! ' के दिव्य उद्घोष के साथ अंधविश्वास फैलाने का 'श्रीगणेश' कर सकते हैं?...  उत्तर देने या हाँ-ना कहने के पहले कुछ देर  सोचिए जरूर!                            क्या उत्तर मिला?...            जी, मुझे तो इसका उत्तर 'हाँ!' मिला है। मिला ही नहीं, बाकायदे घोषणा की गई है, आदेश निकाला गया है कि अंधविश्वास से लोगों को बचाने के लिए लोगों को 'गायत्री मंत्र' का जाप करना होगा!...वह भी बच्चों को! ये कौन सी उलटबांसी है? कहते हैं कि किसी जमाने में लोग मन्त्र पढ़कर आग जला देते थे, पानी बरसा देते थे, तूफान ला देते थे!...क्या आप इस पर विश्वास करते हैं?...तब ...

तैयार है विपक्ष:

 'विपक्ष' की बहुप्रचारित अवधारणा से अलग; सांसदों-विधायकों की दुनिया से कोसों दूर; चमचमाती कारों, लकदक कुर्तों, आगे-पीछे पुलिस और चमचों से भिन्न देश में एक अन्य विपक्ष भी है! जनता के  रूप में मरते-खपते इस विपक्ष की भूमिकाएँ प्रायः किसी भी चुनाव के बाद नहीं बदलतीं। इसे सरकारें तब तक महत्त्व नहीं देतीं जब तक कि इसका आक्रोश सड़कों, खेतों, कारखानों में फुट नहीं पड़ता। फिर इसे 'हिंसक भीड़', 'शरारती तत्त्व', 'अराजकतावादी', 'उग्रवादी' जैसे कई नामों से पुकारा-प्रचारा जाने लगता है। संदीप खरे ने ऐसे ही विपक्ष को 'तैयार है विपक्ष' कविता में ढालने की कोशिश की है। पढ़ें:...                                   तैयार है विपक्ष …                                                     -  संदीप खरे तैयार है, विपक्ष...   खेतों की मेड़ पर  कारखानों के गेट पर  च...

उच्च-शिक्षा: भारतीय उच्च शिक्षा आयोग का अवतरण

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                 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग समाप्त कर       भारतीय उच्च-शिक्षा आयोग के गठन पर कुछ टिप्पणियां           ★  केन्द्रीय उच्च शिक्षा मन्त्रालय देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को सरस्वती शिशु मंदिर में बदल देने की योजना में प्रतिबद्ध दिखता है। मोदी सरकार ने अपने पिछले चार साल के कार्यकाल में यू.जी.सी को एक पैसा भी बजट आवंटन नहीं किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बसे सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में बिल्डिंग, लैब,लाइब्रेरी, कम्प्यूटर इत्यादि की जो भी सुविधाएं आज दिख रहीं है,वह सब यू.जी.सी के अनुदान से ही सम्भव हो सकी हैं,और यह सब कांग्रेस के कार्यकाल की देन रही है। मोदी सरकार उच्च शिक्षा को प्राइवेट धनपशुओं के हाथों में सौंप देने का षडयंत्र कर रही है। डा.ज़ाकिर हुसैन से लेकर कपिल सिब्बल तक उच्च शिक्षा हमेशा देश के पढ़े,लिखे और नामचीन विद्वानों के हाथ रही है।मोदी सरकार में पहली बार उच्च शिक्षा मात्र इन्टर और बी.ए.पास मूर्खों के हाथ आयी है। योजना आयोग को बदलकर नीति आयोग बना कर म...

अवधी 'पाती'...

स्वस्ती सिरी जोग उपमा...                                         पाती लिखा...                                            -  आद्या प्रसाद 'उन्मत्त' श्री पत्री लिखा इहाँ से जेठू रामलाल ननघुट्टू कै, अब्दुल बेहना गंगा पासी, चनिका कहार झिरकुट्टू कै। सब जन कै पहुँचै राम राम, तोहरी माई कै असिरबाद, छोटकउना 'दादा' कहइ लाग, बड़कवा करै दिन भै इयाद। सब इहाँ कुसल मंगल बाटै, हम तोहरिन कुसल मनाई थै, तुलसी मइया के चउरा पै, सँझवाती रोज जराई थै। आगे कै मालूम होइ हाल, सब जने गाँव घर खुसी अहैं, घेर्राऊ छुट्टी आइ अहैं, तोहरिन खातिर सब दुखी अहैं। गइया धनाइ गै जगतू कै, बड़कई भैंसि तलियानि अहै। बछिया मरि गै खुरपका रहा, ओसर भुवरई बियानि अहै। कइसे पठई नाही तौ, नैनू से दुइ मेटी भरी अहै। तू कहे रह्या तोहरिन खातिर, राबिव एक गगरी धरी अहै। घिव दूध खूब उतिरान अहै, तोहरिन इयाद क...