किसान मुक्ति संसद:
हम देश, हमारा देश- 1: ऐ बनारसी विकास
ऐ बनारसी विकास!.. सुनकर बहुत बुरा लगता है, सोचकर और भी बुरा!...पर क्या आम इंसान के दिल से यही आह नहीं निकलती?...विकास की बलिवेदी पर न जाने कितने चढ़े हैं, न जाने कितने चढ़ाए गए हैं, पर क्या कोई उन बेमौत मारे गए लोगों के घरवालों को कभी संतुष्ट कर पाएगा कि 'विकास' के लिए कुछ लोगों की बलि कोई खास बात नहीं?...पर ऐसा इस देश में होता रहा है। लोग बलि चढ़ाए जाते रहे हैं। शायद ऐसे लोगों के लिए ही यह परिकल्पना गढ़ी गई है- ' उसकी मर्ज़ी के बगैर पत्ता भी नहीं हिलता, इसलिए किसी को दोष मत दो!' 'अमर उजाला' के पत्रकार अजय राय इसका जवाब कुछ इस तरह देते हैं!... इंजीनयर अपना शास्त्र लेकर सर के बल खड़े हो जाएं तब भी नहीं बता पाएंगे कि चौकाघाट पुल के बीम गिरे क्यों। दरअसल बीम इंजिनीयरिंग की गलती से गिरा ही नहीं। यह पुलिस के भ्र्ष्टाचार और वसूली के चलते गिरा। पुलिस चांदपुर चौराहे और लहरतारा पर पैसे लेकर 35-40 ओवरलोड बालू की ट्रकों को रात में 10 रोज स...
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