चैलेंज एक बहुजन का!



                            चैलेंज एक बहुजन का!--



              https://youtu.be/Qq3wqYN36F4

जी हाँ, नहीं मिलती न्यूनतम मजदूरी!...

इन मज़दूरों की बातें सुनिए, आक्रोश देखिए!...

दिहाडी मज़दूर हैं ये!...

कभी इनके साथ काम करके देखिए!...

आखिर ये भी इंसान हैं!...

अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग निर्धारित की गई है न्यूनतम मजदूरी!...

क्यों?...जीवन-स्तर के कारण?..

क्या है किसी भी मज़दूर का जीवन स्तर?

खास तौर पर दिहाडी मज़दूर का!..

सरकार से अच्छी तो जनता जिसने 350 से 500 रुपए तक प्रतिदिन दिहाडी की मांग को जायज ठहराया है!...★★★

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