आत्मालाप-26: समय आ गया है...


                             समय आ गया है...

                                            - अशोक प्रकाश




समय आ गया है कि
हम
पहले ताली बजायें
फिर
अपनी पीठ थपथपाएँ
कि...
'आपके अवशेष और वेतन भुगतान हेतु
स्वीकृत बजट विधान सभा और विधान परिषद में
प्रस्तुत कर दिया गया है...
और जल्दी ही दोनों जगहों से पारित हो जाएगा।...'
इसलिये जरूरी है
कि
हम
इस पर कोई सवाल न उठाएं
सिर्फ़ ताली बजायें
मसलन...
घोषणाओं को
मिल गया, मिल गया- बतायें
क्या-क्या नहीं मिला
या
चला गया...
- ऐसे सवाल नहीं उठाएं...

नीला, हरा होते हुए
जो भगवा हो गया है
उसकी विजय-पताका फहरायें
इसे शिक्षक समुदाय की
बहुत बड़ी जीत बताएं
जोर-जोर से चिल्लाएं!
उसे विधानसभा या संसद
पहुंचाने का जश्न मनायें
अभी से
माला पहनाएं!

समय आ गया है
उसे नेता बनाएं
खुद भाड़ में जाएं!....
                             ★★★★★★

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