करतार सिंह सराभा शहादत-दिवस
शहादत दिवस: अंग्रेजी राज के लिए सबसे बड़ा खतरा': क्रांतिकारी करतार सिंह सराभा प्रस्तुति : सुनील सिंह “हे भगवान मेरी यह प्रार्थना है कि मैं भारत में उस समय तक जन्म लेता रहूँ, जब तक कि मेरा देश स्वतंत्र न हो जाये!”... फाँसी पर चढ़ने से पहले ये शब्द थे 19 साल के उस भारतीय क्रांतिकारी नौजवान के -जिसे ब्रिटिश मानते थे ‘अंग्रेजी राज के लिए सबसे बड़ा खतरा’. मुकदमे के दौरान ब्रिटिश जज के आरोपों के जवाब में करतार सिंह ने पंजाबी में कहा था, “सेवा देश दी जिंदड़िये बड़ी औखी गल्लां करनियां ढेर सुखल्लियाँ ने जिन्हें देश सेवा विच पाइर पाया ओहना लाख मुसीबतां झल्लियां ने”. सिर्फ 19 साल की उम्र में देश के लिए फांसी के फंदे पर झूल जाने वाले इस सपूत को ...