आत्मालाप-5: मैं हूँ महान!
मैं हूँ महान!
-अशोक प्रकाश
🔴 मैं महान हूँ
सब लोग आओ
माला पहनाओ!
जो माला नहीं पहनाएंगे
क़त्ल किए जाएंगे
माला पहनाने वाले
क़ातिल कहलाएंगे!
मैं बना रहूंगा
महान और ज्ञानवान,
मैं हूँ महान!
आओ
ताली बजाओ!...
मैंने मारे हैं
न जाने कितने तीर
जहां में मुझसे बड़ा
नहीं कोई वीर!
अगर नहीं मानोगे
पीता रहूँगा प्रान,
मैं हूँ महान!
गाओ
मेरे गुण गाओ!...
मैं ये कर दूंगा
मैं वो कर दूंगा
थाली में सबके
तारे भर दूंगा!
हाँ-हाँ हूँ-हूँ करो
पैसे दूंगा दान,
मैं हूँ महान!
खाओ
चाहो तो चबाओ!...
देखो वहां
तिजोरी है
न उसकी है
न तेरी है!
कुंडली मारे बैठा हूँ
ले लूँगा जान,
मैं हूँ महान!
हाथ मत लगाओ
जाओ यहां से जाओ!... 🔴
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