शहीद दिवस (23 मार्च)


                                   और याद आएंगे
                     शहीद भगतसिंह-राजगुरु-सुखदेव!



          अभी बार-बार यह दिन याद आएगा, बहुत याद आएगा! देश में, दुनिया में आम जनता के जीवन पर जितना अधिक संकट बढ़ेगा, बढ़ाया जाएगा- उतनी ही तल्ख़ी के साथ यह दिन याद आएगा! 

              और साथ ही याद आएंगे शहीद भगत सिंह के आदर्श ब्लादीमिर इलिच लेनिन!.... याद आएगी उनकी क्रांतिकारी विरासत! 
                     

     
             उनके और उनके आदर्शों के दुश्मन आज और ज़्यादा जनता के दुश्मन हैं! वे आज और ज़्यादा जनता को कष्ट देकर अपना और ज़्यादा मुनाफ़ा बढ़ा रहे हैं!

             इसीलिए शहीद भगतसिंह-राजगुरु-सुखदेव आज और ज़्यादा, और तल्ख़ी....और क्षोभ से याद किए जा रहे हैं!



         उनके दुश्मन कुछ नहीं कर सकते, सिवाय जनता की नफ़रत बढ़ाने के....जिस नफ़रत में इन्हें अवश्य ही खाक होना है, उनके वर्ग को खाक होना है!!!

      वे कुछ नहीं कर सकते!....

सभी चित्र फ़ेसबुक/व्हाट्सएप से साभार! ★★★

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