घोषणाएं और किसान
प्रकाशनार्थ:
'झूठ का पुलिंदा होती हैं घोषणाएं!'
-'मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक समर्थन मूल्य से कम पर खरीद करने वाले व्यापारियों पर अपराध पंजीबद्ध किया जाए।'
-एम एस पी सत्याग्रह का पहला चरण पीपल्या में सत्याग्रह के बाद सम्पन्न!
-मेधा ,योगेंद्र ,डॉ सुनीलम ने सरकार की किसान संबंधी घोषणाओं को झूठ का पुलिंदा बताया।
जय किसान आंदोलन ,किसान संघर्ष समिति ,जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय ,अखिल भारतीय किसान सभा ,नर्मदा बचाओ आंदोलन द्वारा आज पीपल्या मंडी में एम एस पी सत्याग्रह किया गया । किसान संगठनों ने पिपल्या मंडी में सत्याग्रह करने की अनुमति चाही थी लेकिन प्रशासन द्वारा इंकार कर दिया गया। सत्याग्रह के दौरान किसानों ने बताया कि भावान्तर की योजना शुरू होते ही व्यापारियों ने रेट गिरा दिया था।सोयाबीन और उड़द का भावन्तर का पैसा नहीं मिला ,जब तक किसान के पास अनाज था ,तब तक रैट कम था ,सोयाबीन 1500 से 2500 बिका ,भावन्तर 200 रुपये क्विंटल दिया ।
अब 10 अप्रैल से खरीद शुरू होनी है लेकिन अभी किसानो को लहसुन 700 क्विंटल में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है जबकि समर्थन मूल्य 3200 रुपये प्रति क्विंटल है । किसानों ने आरोप लगाया कि सोयाबीन में गौतम अडानी ने करोड़ों कमा लिया । किसानों को प्रति क्विंटल 1500 प्रति क्विंटल सोयाबीन बेचनी पड़ी जबकि 3050 का रेट समर्थन मूल्य के लिए तय किया गया था ।
किसानों ने बताया उड़द 16 क्विंटल होता है 7 क्विंटल औसत खरीदा गया ।,2500 से 3300 बिका रेट पर बिका । 5400 प्रति क्विंटल था।60 क्विंटल प्रति हेक्टर लहसुन होता है जिसकी पूरी खरीद नहीं होती। पिछली बार 10 हजार उसके पहले 12 हज़ार में बिका ,अभी सरकार ने केवल 3200 घोसित किया है जो एक चौथाई है।
किसानों ने डोडाचूरा के प्रकरणों में धारा 8/29 और 8/15 में पुलिस द्वारा किसानों को झूठे फसाने का आरोप लगाया।किसानों ने कहा कि भावन्तर योजना मतलब लुटाई कुटाई साथ साथ है।
सत्याग्रह में शामिल किसानों को को मेधा पाटकरजी ,नर्मदा बचाओ आंदोलन ,योगेंद्र यादव संयोजक जय किसान आंदोलन ,डॉ सुनीलम ,कार्यकारी अध्यक्ष किसांन संघर्ष समिति ,जसविंदर सिंह अध्यक्ष ,अखिल भारतीय किसान सभा ,किसान संघर्ष समिति के प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र पुरोहित ,जिला अध्यक्ष दिलीप पाटीदार किसान नेता अमृत राम पाटीदार ,देवी सिंह तोमर ,जगदीश पटेल ,मुकेश भी ,हरी सिंह ,जनपद सदस्य परमानंद पाटीदार ,हंसलाल पाटीदार ,श्रीराम पाटीदार ,नारायण पाटीदार ,अनिल बटवाल एवं अन्य किसान नेताओं ने सम्बोधित किया ।सत्याग्रह में सैकड़ों किसान शामिल हुए।
एम एस पी सत्याग्रह को संबोधित करते हुए मेधा पाटकर जी ने सरकार द्वारा अखबारों में दिए गए विज्ञान किसानों को पढ़ कर सुनाए और किसानों से उनकी सत्यता जाननी चाही ,किसानो ने सरकार की सभी घोषणाओं को बिंदुवार झूट और गलत बताया।उन्होंने का कहा कि सरकार चार गुने सिंचाई के आंकड़े पेश कर रही है ,जबकि सच यह है कि प्रदेश में पानी का संकट 5 गुना बढ़ा है।उन्होंने कहा कि किसानों को फसल बीमा के नाम पर लूटा जा रहा है ।
योगेंद्र यादव जी ने बताया कि इस मौसम में किसानों की 14 हज़रा करोड़ की लूट एम एस पी से कम रेट देकर किसानो से की जा रही है ,पिछली फसल में 34 हज़रा करोड़ की लूट हुई यानी सरकार किसांनो को किसान कल्याण मंत्रालय में जितना पैसा दे रही है। उतना दूसरे हाथ से वापस ले ले रही है।किसानों को अधिक उत्पादन की सजा दी जा रही है जबकि सरकार पुरुस्कार प्राप्त कर रही है ।उन्होंने दावा किया कि देश की एक भी मंडी में सभी किसानों को न्यूनतम मूल्य नहीं मिल रहा है।
डॉ सुनीलम ने कहा कि 11 जून 2017 को मुख्यमंत्री ने कहा था कि एम एस पी से कम पर खरीद करने पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा ।लेकिन आज तक एक भी मुकदमा पूरे प्रदेश में दर्ज नहीं किया गया है जबकि लगभग सभी कृषि उत्पाद समर्थन मूल्य से 1000 कम मूल्य पर बिक रहे है तथा कोई एफ आई आर दर्ज नहीं की जा रही है।डॉ सुनीलम ने कहा कि आज पिपल्या थाने में किसान एफ आई आर दर्ज कराएंगे ,कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित सी एस पी और थाना प्रभारी ने कहा कि उनको एफ आई आर दर्ज करने में कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा कि गत पांच वर्षों में प्रदेश में 5500 किसानों ने आत्महत्या की है परंतु सरकार किसान कर्मण पुरस्कार प्राप्त कर रही है। डॉ सुनीलम ने सांझा पहल हम सब की रपट दिखाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में खरीफ मौसम के लिए 2836 करोड़ रुपये का प्रीमियम लिया गया तथा किसानों को केवल 51 .52 करोड़ यानी 1 .82 प्रतिशत भुगतान किया गया।
जसविंदर सिंह ने कहा कि किसान सभा ने महाराष्ट्र और राजस्थान में विशाल किसान आंदोलन कर देश के किसानों में नई ऊर्जा और जागृति का संचार किया है ,हम मध्यप्रदेश में भी सभी किसान संगठनों के साथ मिलकर संघर्ष तेज करेंगे ।
राजेन्द्र पुरोहित ने नीमच जिले में किसानों की लूट और किसानों के संघर्ष तथा दिलीप पाटीदार ने शहीदों से प्रेरणा लेकर मन्दसौर के किसानों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की।
उपस्थित किसानों ने आगामी 6 जून को शहीद किसानों की बरसी पर शहीद किसान स्मृति सम्मेलन करने का एलान किया ।
दिलीप पाटीदार
अध्यक्ष
किसान संघर्ष समिति
मन्दसौर (म.प्र.)
9165413522
'झूठ का पुलिंदा होती हैं घोषणाएं!'
-'मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक समर्थन मूल्य से कम पर खरीद करने वाले व्यापारियों पर अपराध पंजीबद्ध किया जाए।'
-एम एस पी सत्याग्रह का पहला चरण पीपल्या में सत्याग्रह के बाद सम्पन्न!
-मेधा ,योगेंद्र ,डॉ सुनीलम ने सरकार की किसान संबंधी घोषणाओं को झूठ का पुलिंदा बताया।
जय किसान आंदोलन ,किसान संघर्ष समिति ,जन आंदोलनों के राष्ट्रीय समन्वय ,अखिल भारतीय किसान सभा ,नर्मदा बचाओ आंदोलन द्वारा आज पीपल्या मंडी में एम एस पी सत्याग्रह किया गया । किसान संगठनों ने पिपल्या मंडी में सत्याग्रह करने की अनुमति चाही थी लेकिन प्रशासन द्वारा इंकार कर दिया गया। सत्याग्रह के दौरान किसानों ने बताया कि भावान्तर की योजना शुरू होते ही व्यापारियों ने रेट गिरा दिया था।सोयाबीन और उड़द का भावन्तर का पैसा नहीं मिला ,जब तक किसान के पास अनाज था ,तब तक रैट कम था ,सोयाबीन 1500 से 2500 बिका ,भावन्तर 200 रुपये क्विंटल दिया ।
अब 10 अप्रैल से खरीद शुरू होनी है लेकिन अभी किसानो को लहसुन 700 क्विंटल में बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है जबकि समर्थन मूल्य 3200 रुपये प्रति क्विंटल है । किसानों ने आरोप लगाया कि सोयाबीन में गौतम अडानी ने करोड़ों कमा लिया । किसानों को प्रति क्विंटल 1500 प्रति क्विंटल सोयाबीन बेचनी पड़ी जबकि 3050 का रेट समर्थन मूल्य के लिए तय किया गया था ।
किसानों ने बताया उड़द 16 क्विंटल होता है 7 क्विंटल औसत खरीदा गया ।,2500 से 3300 बिका रेट पर बिका । 5400 प्रति क्विंटल था।60 क्विंटल प्रति हेक्टर लहसुन होता है जिसकी पूरी खरीद नहीं होती। पिछली बार 10 हजार उसके पहले 12 हज़ार में बिका ,अभी सरकार ने केवल 3200 घोसित किया है जो एक चौथाई है।
किसानों ने डोडाचूरा के प्रकरणों में धारा 8/29 और 8/15 में पुलिस द्वारा किसानों को झूठे फसाने का आरोप लगाया।किसानों ने कहा कि भावन्तर योजना मतलब लुटाई कुटाई साथ साथ है।
सत्याग्रह में शामिल किसानों को को मेधा पाटकरजी ,नर्मदा बचाओ आंदोलन ,योगेंद्र यादव संयोजक जय किसान आंदोलन ,डॉ सुनीलम ,कार्यकारी अध्यक्ष किसांन संघर्ष समिति ,जसविंदर सिंह अध्यक्ष ,अखिल भारतीय किसान सभा ,किसान संघर्ष समिति के प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र पुरोहित ,जिला अध्यक्ष दिलीप पाटीदार किसान नेता अमृत राम पाटीदार ,देवी सिंह तोमर ,जगदीश पटेल ,मुकेश भी ,हरी सिंह ,जनपद सदस्य परमानंद पाटीदार ,हंसलाल पाटीदार ,श्रीराम पाटीदार ,नारायण पाटीदार ,अनिल बटवाल एवं अन्य किसान नेताओं ने सम्बोधित किया ।सत्याग्रह में सैकड़ों किसान शामिल हुए।
एम एस पी सत्याग्रह को संबोधित करते हुए मेधा पाटकर जी ने सरकार द्वारा अखबारों में दिए गए विज्ञान किसानों को पढ़ कर सुनाए और किसानों से उनकी सत्यता जाननी चाही ,किसानो ने सरकार की सभी घोषणाओं को बिंदुवार झूट और गलत बताया।उन्होंने का कहा कि सरकार चार गुने सिंचाई के आंकड़े पेश कर रही है ,जबकि सच यह है कि प्रदेश में पानी का संकट 5 गुना बढ़ा है।उन्होंने कहा कि किसानों को फसल बीमा के नाम पर लूटा जा रहा है ।
योगेंद्र यादव जी ने बताया कि इस मौसम में किसानों की 14 हज़रा करोड़ की लूट एम एस पी से कम रेट देकर किसानो से की जा रही है ,पिछली फसल में 34 हज़रा करोड़ की लूट हुई यानी सरकार किसांनो को किसान कल्याण मंत्रालय में जितना पैसा दे रही है। उतना दूसरे हाथ से वापस ले ले रही है।किसानों को अधिक उत्पादन की सजा दी जा रही है जबकि सरकार पुरुस्कार प्राप्त कर रही है ।उन्होंने दावा किया कि देश की एक भी मंडी में सभी किसानों को न्यूनतम मूल्य नहीं मिल रहा है।
डॉ सुनीलम ने कहा कि 11 जून 2017 को मुख्यमंत्री ने कहा था कि एम एस पी से कम पर खरीद करने पर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा ।लेकिन आज तक एक भी मुकदमा पूरे प्रदेश में दर्ज नहीं किया गया है जबकि लगभग सभी कृषि उत्पाद समर्थन मूल्य से 1000 कम मूल्य पर बिक रहे है तथा कोई एफ आई आर दर्ज नहीं की जा रही है।डॉ सुनीलम ने कहा कि आज पिपल्या थाने में किसान एफ आई आर दर्ज कराएंगे ,कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित सी एस पी और थाना प्रभारी ने कहा कि उनको एफ आई आर दर्ज करने में कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा कि गत पांच वर्षों में प्रदेश में 5500 किसानों ने आत्महत्या की है परंतु सरकार किसान कर्मण पुरस्कार प्राप्त कर रही है। डॉ सुनीलम ने सांझा पहल हम सब की रपट दिखाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में खरीफ मौसम के लिए 2836 करोड़ रुपये का प्रीमियम लिया गया तथा किसानों को केवल 51 .52 करोड़ यानी 1 .82 प्रतिशत भुगतान किया गया।
जसविंदर सिंह ने कहा कि किसान सभा ने महाराष्ट्र और राजस्थान में विशाल किसान आंदोलन कर देश के किसानों में नई ऊर्जा और जागृति का संचार किया है ,हम मध्यप्रदेश में भी सभी किसान संगठनों के साथ मिलकर संघर्ष तेज करेंगे ।
राजेन्द्र पुरोहित ने नीमच जिले में किसानों की लूट और किसानों के संघर्ष तथा दिलीप पाटीदार ने शहीदों से प्रेरणा लेकर मन्दसौर के किसानों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की।
उपस्थित किसानों ने आगामी 6 जून को शहीद किसानों की बरसी पर शहीद किसान स्मृति सम्मेलन करने का एलान किया ।
दिलीप पाटीदार
अध्यक्ष
किसान संघर्ष समिति
मन्दसौर (म.प्र.)
9165413522
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